फॉलो करें

हमारा ऐप डाउनलोड करें

Delhi News:बारिश पर सरकार अलर्ट, सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक

सड़कों की होगी मरम्मत, जल निकासी के लिए लगे अतिरिक्त पंप, नालों से कचरा हटाने के निर्देश

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दो दिनों से हो रही भारी बारिश के बाद बनी स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार अलर्ट हो गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने आदेश दिया कि किसी भी जगह पर जलभराव न हो, इसके लिए नालों में फंसे कचरे को जल्द हटाया जाए। साथ ही सड़कों पर बने गड्ढों को जल्द भर दिया जाए।

आपात बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार हर स्थिति से निपटने को तैयार है। 41 साल बाद दिल्ली में हुई भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे है। जल निकासी के लिए पीडब्ल्यूडी के 680 पंप लगातार काम कर रहे हैं। 326 अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं और 100 मोबाइल पंप भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। यमुना का जल स्तर 206 मीटर को पार करता है तो हम तट के पास रह रहे लोगों को राहत केंद्रों में शिफ्ट करना शुरू कर देंगे।

सभी को मिलकर करना होगा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में अप्रत्याशित बारिश हुई है। सभी दलों को साथ आना होगा। हमारे सभी अधिकारी, मंत्री और विधायक, मेयर और पार्षद जमीन पर उतरकर लोगों की मदद कर रहे हैं।

यमुना के स्तर पर बना रखी है नजर

केजरीवाल ने कहा कि सरकार यमुना पर नजर बनाए हुए है। दिल्ली में हुई बारिश से दिल्ली में बाढ़ आने का खतरा बहुत कम है। हथिनी कुंड से यमुना में जो पानी छोड़ा जाता है, उस पानी पर दिल्ली में बाढ़ का खतरा ज्यादा निर्भर है। उन्होंने बताया कि 1978 में दिल्ली में बाढ़ आई थी। उस समय हथिनी कुंड पर 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और ओल्ड रेलवे ब्रिज पर यमुना का जल स्तर 207.49 मीटर हो गया था। 2019 में हथिनी कुंड से 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यमुना का जल स्तर 206.60 मीटर तक पहुंचा, लेकिन बाढ़ नहीं आई। सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। हम सेंट्रल वाटर कमीशन के लगातार संपर्क में हैं।

41 हजार लोग चिह्नित

स्थिति गंभीर होने पर यमुना के तट के आसपास झुग्गियों आदि में रह रहे लोगों से जगह खाली कराना शुरू कर देंगे। दिल्ली सरकार ने ऐसे करीब 41 हजार लोगों को चिह्नित किया है। इनके रहने के लिए राहत केंद्र बनाए गए हैं। अगर जरूरत पड़ती है तो इन लोगों को राहत कैंपों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

सड़कों पर उतरे अतिरिक्त जवान

दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक के संवेदनशील प्वाइंट्स को पहचाने को कहा है। साथ ही कहा कि इन जगहों पर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां अतिरिक्त फोर्स तैनात करे, ताकि कोई यू-टर्न न ले सके और ट्रैफिक जाम को रोका जा सके।

एनडीएमसी बनाए प्लान

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीएमसी के कई क्षेत्रों में जबरदस्त जलभराव हुआ है। एनडीएमसी को कहा गया है कि इसका स्टडी करके प्लान बनाया जाए, ताकि इस तरह की दोबारा शिकायतें न मिले। पूरी दिल्ली में तीन ऐसी लोकेशन थी, जहां सड़क बिल्कुल धंस गई और वहां गड्ढा बन गया है। उसकी जांच के आदेश दिए गए है।

Source link

Akhand Lok News
Author: Akhand Lok News

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल